"मैं एक छोटा सा पौधा हूँ। हर दिन धूप, पानी और मिट्टी से ताकत जुटाता हूँ। आज भले नाज़ुक दिखता हूँ, लेकिन समय के साथ ठंडी छाया, ताज़ी हवा और अनगिनत ज़िंदगियों का सहारा बन जाता हूँ।"